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Seminar on How to Manage Stress
Posted on 19/02/2026
महर्षि जमदग्नि राजकीय कन्या महाविद्यालय, पिल्लूखेड़ा (जींद) में प्राचार्य श्री मुनीश कुमार की अध्यक्षता में मेंटल हेल्थ अवेयरनेस सेल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवा योजना (NSS) तथा महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “हाउ टू मैनेज स्ट्रेस (How to Manage Stress)” विषय पर एक भव्य एवं अत्यंत उपयोगी सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने तथा उन्हें तनावमुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बबीता पवार, सहायक प्रोफेसर (वाणिज्य विभाग) उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक व्याख्यान में छात्राओं को तनाव के कारणों, उसके मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के समय में पढ़ाई का दबाव, प्रतिस्पर्धा, करियर की चिंता, पारिवारिक अपेक्षाएँ तथा डिजिटल व सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग तनाव के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।
डॉ. बबीता पवार ने तनाव प्रबंधन के लिए सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, नियमित योग व प्राणायाम, ध्यान (मेडिटेशन), संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ दिनचर्या को अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने छात्राओं को यह भी समझाया कि भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें सही दिशा में व्यक्त करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर श्री रमेश कुमार, सहायक प्राध्यापक (राजनीति विज्ञान विभाग) तथा श्री ग्रीन कुमार, सहायक प्राध्यापक (इतिहास विभाग) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों शिक्षकों ने अपने संबोधन में छात्राओं को जीवन में मानसिक संतुलन बनाए रखने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा कठिन परिस्थितियों में धैर्य, आत्मसंयम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक सफलता और सामाजिक जीवन की मजबूती का भी आधार है।
प्राचार्य श्री मुनीश कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में मानसिक रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और संतुलित दृष्टिकोण के साथ करने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने मेंटल हेल्थ अवेयरनेस सेल, NSS तथा महिला प्रकोष्ठ की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, NSS स्वयंसेविकाएँ, महिला प्रकोष्ठ की सदस्याएँ तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। सेमिनार के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा तनाव से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं और समस्याओं को साझा किया, जिनका समाधान सकारात्मक मार्गदर्शन के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने इस सेमिनार को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं जीवनोपयोगी बताते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि छात्राओं को एक सकारात्मक, संतुलित और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की दिशा में प्रेरित करने वाला भी सिद्ध हुआ।
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