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Two special lectures


Posted on 09/10/2025

महर्षि जमदग्नि राजकीय कन्या महाविद्यालय, पिल्लूखेड़ा में दिनांक 08 अक्टूबर 2025 को छात्राओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता निर्माण और कैरियर उन्नयन के उद्देश्य से दो प्रेरणादायक विशिष्ट व्याख्यान सत्रों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और राष्ट्र-सेवी नागरिक के रूप में तैयार करना रहा। पहला सत्र राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका विषय “स्वयंसेवक, नेतृत्व निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास” रहा। इस सत्र के मुख्य वक्ता सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) श्री रामकरण दलाल रहे, जिन्होंने अपने प्रेरणादायक अनुभवों से छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि “सच्चा स्वयंसेवक वही है जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के हित में कार्य करता है और अपने कर्म से राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है।” उन्होंने सैन्य जीवन की अनुशासित दिनचर्या, टीम भावना और नेतृत्व के गुणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि इन गुणों से न केवल व्यक्ति का विकास होता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है। दूसरा सत्र प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका विषय “भारतीय सेना और वायु सेना में लड़कियों के लिए विभिन्न रोजगार के अवसर” रहा । इस सत्र में सूबेदार मेजर श्री जयपाल सिंह (सेवानिवृत्त) मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने छात्राओं को भारतीय सेना एवं वायु सेना में उपलब्ध विभिन्न पदों जैसे कि शॉर्ट सर्विस कमीशन, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, टेक्निकल ऑफिसर, ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर, नेविगेटर इत्यादि के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने भर्ती की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, चयन के विभिन्न चरण, शारीरिक एवं मानसिक तैयारी, और प्रशिक्षण के दौरान विकसित होने वाले कौशलों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आज भारतीय नारी हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रही है, और सशस्त्र बलों में उनकी भूमिका देश की शक्ति और गौरव का प्रतीक बन चुकी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणबीर सिंह यादव ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि “नेतृत्व और सेवा की भावना तभी सार्थक होती है जब हम अपने ज्ञान और कौशल को समाज के हित में लगाएँ।” डॉ. यादव ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्रा में अपार क्षमता छिपी होती है; आवश्यकता केवल उस क्षमता को दिशा देने की होती है। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वयन की जिम्मेदारी एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रविंद्र और प्लेसमेंट सेल प्रभारी श्री रमेश कुमार ने बखूबी निभाई। दोनों सत्रों का संचालन उत्साह, अनुशासन और सहभागिता के साथ किया गया। छात्राओं ने वक्ताओं से संवाद स्थापित कर अपने जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजना बनाने की प्रेरणा मिलती है। कई छात्राओं ने व्यक्त किया कि अब वे भी सेना या वायु सेना जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में कैरियर बनाने के लिए प्रेरित महसूस कर रही हैं। महाविद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साहपूर्ण वातावरण रहा। व्याख्यानों के पश्चात छात्राओं ने समूह चर्चा के माध्यम से सीखे गए अनुभवों को साझा किया। महाविद्यालय की संकाय सदस्याओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि ऐसे आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक होते हैं, बल्कि छात्राओं को अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना से भी जोड़ते हैं। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए यह आशा व्यक्त की गई कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रेरणादायक, प्रशिक्षणात्मक एवं कैरियर उन्मुख कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि छात्राएँ अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें और राष्ट्र के विकास में सशक्त योगदान दे सकें। इस अवसर पर महाविद्यालय की लगभग 120 छात्राएँ, शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, एनएसएस इकाई की स्वयंसेविकाएँ और अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने वातावरण को देशभक्ति और गर्व की भावना से भर दिया।